नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने लंबे समय बाद फिल्मों से दूरी बनाने की वजह खुलकर बताई है। ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से मशहूर अभिनेत्री ने कहा कि आज फिल्म निर्माण का तरीका पूरी तरह बदल चुका है और मौजूदा दौर की कार्यशैली के साथ खुद को ढालना उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने अपने अभिनय करियर के सुनहरे दौर को याद करते हुए उस समय की फिल्मों और महिला प्रधान किरदारों को विशेष बताया।
करीब दो सौ फिल्मों में काम कर चुकीं हेमा मालिनी ने एक बातचीत में कहा कि 1970 और 1980 का दशक हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम दौर था। उनके अनुसार उस समय ऐसी कई फिल्में बनती थीं जिनमें महिलाओं को मजबूत और प्रभावशाली भूमिकाएं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें सीता और गीता, खुशबू और सपनों का सौदागर जैसी फिल्मों में यादगार किरदार निभाने का अवसर मिला।
आज की फिल्मों को लेकर कही यह बात
हेमा मालिनी ने कहा कि वर्तमान समय में फिल्में बनाने का तरीका पहले से काफी अलग हो चुका है। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि वह अब फिल्मों में क्यों नजर नहीं आतीं, लेकिन बदलते दौर की फिल्म निर्माण प्रक्रिया के अनुसार खुद को ढालना उनके लिए कठिन है। यही वजह है कि उन्होंने बड़े पर्दे से दूरी बना ली है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके दौर में फिल्मों के गीत-संगीत का भी अलग महत्व था। लगभग हर फिल्म में कई गाने होते थे और निर्माता अच्छी कहानी के साथ यादगार संगीत पर भी विशेष ध्यान देते थे।
फिल्मी करियर में दी कई यादगार फिल्में
हेमा मालिनी ने 1968 में सपनों का सौदागर से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने शोले, सीता और गीता, ड्रीम गर्ल, सत्ते पे सत्ता और बागबान जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने रोमांटिक, पारिवारिक और महिला प्रधान भूमिकाओं से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।
आखिरी बार इस फिल्म में आई थीं नजर
हेमा मालिनी आखिरी बार वर्ष 2020 में रिलीज हुई फिल्म शिमला मिर्च में दिखाई दी थीं। इस फिल्म में उनके साथ राजकुमार राव और रकुल प्रीत सिंह भी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाए रखी और सार्वजनिक जीवन व राजनीति पर अधिक ध्यान दिया।
राजनीति में भी निभा रहीं सक्रिय भूमिका
फिल्मों के साथ-साथ हेमा मालिनी राजनीति में भी सक्रिय हैं। वह भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं और उत्तर प्रदेश की मथुरा लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अभिनय और राजनीति दोनों क्षेत्रों में उनकी अलग पहचान बनी हुई है।
